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New दीपक तले अँधेरा Status, Photo, Video

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White किसलिए मैं  कहूँ अँधेरा है एक जुगनू जो दोस्त मेरा है जो पूछे कि है ये किसका दिल मैं कहूँ यार सिर्फ़ तेरा है गोपियाँ आईं हैं शिक़ायत को कृष्ण ने लूटा फिर महेरा है दिन से कैसे भला मैं इश्क़ करूँ चाँद का मेरे ये लुटेरा है वक़्त ने आज फिर तसल्ली से आपकी याद को उकेरा है याद जिन रास्तों से आएगी दर्द हमने वहीं बिखेरा है बस वही आँखें ख़ूबसूरत हैं जिनमें इक ख़्वाब का बसेरा है ©Ghumnam Gautam

#अँधेरा #शायरी #जुगनू #ghumnamgautam #Sad_Status  White 
किसलिए मैं  कहूँ अँधेरा है
एक जुगनू जो दोस्त मेरा है

 जो पूछे कि है ये किसका दिल
मैं कहूँ यार सिर्फ़ तेरा है

गोपियाँ आईं हैं शिक़ायत को
कृष्ण ने लूटा फिर महेरा है


दिन से कैसे भला मैं इश्क़ करूँ
चाँद का मेरे ये लुटेरा है

वक़्त ने आज फिर तसल्ली से
आपकी याद को उकेरा है

याद जिन रास्तों से आएगी 
दर्द हमने वहीं बिखेरा है

बस वही आँखें ख़ूबसूरत हैं
जिनमें इक ख़्वाब का बसेरा है

©Ghumnam Gautam

White जिम्मेदारियों के तले सफर का असर खत्म हो गया, वरना शौकीन तो‌ हम भी है घूमने के..! ©Himanshu Prajapati

#कविता #GoodNight #hpstrange #36gyan  White 
जिम्मेदारियों के तले
सफर का असर खत्म हो गया,
वरना शौकीन तो‌ हम भी है 
घूमने के..!

©Himanshu Prajapati

#GoodNight जिम्मेदारियों के तले सफर का असर खत्म हो गया, वरना शौकीन तो‌ हम भी है घूमने के..! #36gyan #hpstrange

14 Love

White किसी और की मोहब्बत है इसी लिए गवारा मुझे डूबने की हसरत तुझे चाहिए किनारा کسی اور کی محبت ہے اسی لیے گوارہ مجھے ڈوبنے کی حسرت تجھے چاہیے کنارہ कहीं इसके बदले ये है कहीं उसके बदले वो है तो मफ़ाद भी यक़ीनन किसी शय का है ख़सारा کہیں اِسکے بدلے یہ ہے کہیں اسکے بدلے وہ ہے تو مفاد بھی یقیناً کسی شے کا ہے خسارہ तिरे दीद की तलब में सर ए राह मैं था लेकिन लब ए बाम से किया है किसी और को इशारा ترے دید کی طلب میں سرِ راہ میں تھا لیکن لبِ بام سے کیا ہے کسی اور کو اشارہ शब ए ग़म की वहशतों से तुझे दी जो हैं सदाएँ ये कमी नहीं है तेरी तुझे आदतन पुकारा شبِ غم کی وحشتوں سے تجھے دی جو ہیں صدائیں یہ کمی نہیں ہے تیری تُجھے عادتاً پکارا ये तसल्लियों के बोसे नहीं चाहिए मुझे अब न यक़ीं दिला तू मुझको तुझे जीत के मैं हारा یہ تسلیوں کے بوسے نہیں چاہیے مجھے اب نہ یقیں دلا تو مُجھکو تُجھے جیت کے میں ہارا कभी ख़ुद को सोच कर मैं यही ख़ुद से पूछता हूँ तुझे चाहिए क्या मुझसे तू बता तो कुछ ख़ुदा-रा کبھی خود کو سوچ کر میں یہی خود سے پوچھتا ہوں تجھے چاہیے کیا مُجھسے تو بتا تو کچھ خدارا ये हयात इक सज़ा है मुझे मौत माॅंगनी है किसी सम्त दिख रहा क्या कोई टूटता सितारा یہ حیات اک سزا ہے مجھے موت مانگنی ہے کسی سمت دکھ رہا کیا کوئی ٹوٹتا ستارہ ©جلال

#शायरी #Thinking  White किसी और की मोहब्बत है इसी लिए गवारा
मुझे डूबने की हसरत तुझे चाहिए किनारा
کسی اور کی محبت ہے اسی لیے گوارہ 
مجھے ڈوبنے کی حسرت تجھے چاہیے کنارہ 

कहीं इसके बदले ये है कहीं उसके बदले वो है
तो मफ़ाद भी यक़ीनन किसी शय का है ख़सारा 
کہیں اِسکے بدلے یہ ہے کہیں اسکے بدلے وہ ہے
تو مفاد بھی یقیناً کسی شے کا ہے خسارہ

तिरे दीद की तलब में सर ए राह मैं था लेकिन
लब ए बाम से किया है किसी और को इशारा
ترے دید کی طلب میں سرِ راہ میں تھا لیکن
لبِ بام سے کیا ہے کسی اور کو اشارہ

शब ए ग़म की वहशतों से तुझे दी जो हैं सदाएँ
ये कमी नहीं है तेरी तुझे आदतन पुकारा
شبِ غم کی وحشتوں سے تجھے دی جو ہیں صدائیں
یہ کمی نہیں ہے تیری تُجھے عادتاً پکارا 

ये तसल्लियों के बोसे नहीं चाहिए मुझे अब
न यक़ीं दिला तू मुझको तुझे जीत के मैं हारा
یہ تسلیوں کے بوسے نہیں چاہیے مجھے اب
نہ یقیں دلا تو مُجھکو تُجھے جیت کے میں ہارا

कभी ख़ुद को सोच कर मैं यही ख़ुद से पूछता हूँ 
तुझे चाहिए क्या मुझसे तू बता तो कुछ ख़ुदा-रा
کبھی خود کو سوچ کر میں یہی خود سے پوچھتا ہوں 
تجھے چاہیے کیا مُجھسے تو بتا تو کچھ خدارا

ये हयात इक सज़ा है मुझे मौत माॅंगनी है 
किसी सम्त दिख रहा क्या कोई टूटता सितारा
یہ حیات اک سزا ہے مجھے موت مانگنی ہے
کسی سمت دکھ رہا کیا کوئی ٹوٹتا ستارہ

©جلال

#Thinking सफ़ीर 'रे' @Rakhee ki kalam se @harsha mishra कवि आलोक मिश्र "दीपक" @Sarfraz Ahmad

18 Love

विश्व हिन्दी दिवस को अंग्रेजी मे लिखकर बधाई देने वालो को भी विश्व हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं ©AbhiJaunpur

#‌AbhiJaunpur #wishes  विश्व हिन्दी दिवस को 
अंग्रेजी मे लिखकर 
बधाई देने वालो को भी 
विश्व हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं

©AbhiJaunpur

#‌AbhiJaunpur सुरेश अनजान अदनासा- शिवम् सिंह भूमि कवि आलोक मिश्र "दीपक" अभिलाष द्विवेदी (अकेला ) एक अनपढ़ शायर

22 Love

a-person-standing-on-a-beach-at-sunset प्रयास करने वालों के लिए प्रत्येक कार्य संभव है परेशानी में भी एक बार मुस्कुराइए और लगन से लग जाइए फिर जितने से कौन रोक सकता है | कर्म ही आसा है | भगवती का कृपा और आप सबका साथ बना रहे ©Shubham Raj Tiwari

#विचार #SunSet  a-person-standing-on-a-beach-at-sunset प्रयास करने वालों के लिए प्रत्येक कार्य संभव है परेशानी में भी एक बार मुस्कुराइए और लगन से

लग जाइए फिर जितने से कौन रोक सकता है

| कर्म ही आसा है |

भगवती का कृपा और आप सबका साथ बना रहे

©Shubham Raj Tiwari

#SunSet @mithilani मनोज मानव @Kamlesh Kandpal Anil Ray कवि आलोक मिश्र "दीपक"

24 Love

अपनों से मुलाक़ात ©Shiv Narayan Saxena

#नववर्ष_2025  अपनों से मुलाक़ात

©Shiv Narayan Saxena

#नववर्ष_2025 एक मुलाक़ात hindi poetry on life नीर @Madhusudan Shrivastava "सीमा"अमन सिंह कवि आलोक मिश्र "दीपक" जनकवि शंकर पाल( बुन्देली)

17 Love

White किसलिए मैं  कहूँ अँधेरा है एक जुगनू जो दोस्त मेरा है जो पूछे कि है ये किसका दिल मैं कहूँ यार सिर्फ़ तेरा है गोपियाँ आईं हैं शिक़ायत को कृष्ण ने लूटा फिर महेरा है दिन से कैसे भला मैं इश्क़ करूँ चाँद का मेरे ये लुटेरा है वक़्त ने आज फिर तसल्ली से आपकी याद को उकेरा है याद जिन रास्तों से आएगी दर्द हमने वहीं बिखेरा है बस वही आँखें ख़ूबसूरत हैं जिनमें इक ख़्वाब का बसेरा है ©Ghumnam Gautam

#अँधेरा #शायरी #जुगनू #ghumnamgautam #Sad_Status  White 
किसलिए मैं  कहूँ अँधेरा है
एक जुगनू जो दोस्त मेरा है

 जो पूछे कि है ये किसका दिल
मैं कहूँ यार सिर्फ़ तेरा है

गोपियाँ आईं हैं शिक़ायत को
कृष्ण ने लूटा फिर महेरा है


दिन से कैसे भला मैं इश्क़ करूँ
चाँद का मेरे ये लुटेरा है

वक़्त ने आज फिर तसल्ली से
आपकी याद को उकेरा है

याद जिन रास्तों से आएगी 
दर्द हमने वहीं बिखेरा है

बस वही आँखें ख़ूबसूरत हैं
जिनमें इक ख़्वाब का बसेरा है

©Ghumnam Gautam

White जिम्मेदारियों के तले सफर का असर खत्म हो गया, वरना शौकीन तो‌ हम भी है घूमने के..! ©Himanshu Prajapati

#कविता #GoodNight #hpstrange #36gyan  White 
जिम्मेदारियों के तले
सफर का असर खत्म हो गया,
वरना शौकीन तो‌ हम भी है 
घूमने के..!

©Himanshu Prajapati

#GoodNight जिम्मेदारियों के तले सफर का असर खत्म हो गया, वरना शौकीन तो‌ हम भी है घूमने के..! #36gyan #hpstrange

14 Love

White किसी और की मोहब्बत है इसी लिए गवारा मुझे डूबने की हसरत तुझे चाहिए किनारा کسی اور کی محبت ہے اسی لیے گوارہ مجھے ڈوبنے کی حسرت تجھے چاہیے کنارہ कहीं इसके बदले ये है कहीं उसके बदले वो है तो मफ़ाद भी यक़ीनन किसी शय का है ख़सारा کہیں اِسکے بدلے یہ ہے کہیں اسکے بدلے وہ ہے تو مفاد بھی یقیناً کسی شے کا ہے خسارہ तिरे दीद की तलब में सर ए राह मैं था लेकिन लब ए बाम से किया है किसी और को इशारा ترے دید کی طلب میں سرِ راہ میں تھا لیکن لبِ بام سے کیا ہے کسی اور کو اشارہ शब ए ग़म की वहशतों से तुझे दी जो हैं सदाएँ ये कमी नहीं है तेरी तुझे आदतन पुकारा شبِ غم کی وحشتوں سے تجھے دی جو ہیں صدائیں یہ کمی نہیں ہے تیری تُجھے عادتاً پکارا ये तसल्लियों के बोसे नहीं चाहिए मुझे अब न यक़ीं दिला तू मुझको तुझे जीत के मैं हारा یہ تسلیوں کے بوسے نہیں چاہیے مجھے اب نہ یقیں دلا تو مُجھکو تُجھے جیت کے میں ہارا कभी ख़ुद को सोच कर मैं यही ख़ुद से पूछता हूँ तुझे चाहिए क्या मुझसे तू बता तो कुछ ख़ुदा-रा کبھی خود کو سوچ کر میں یہی خود سے پوچھتا ہوں تجھے چاہیے کیا مُجھسے تو بتا تو کچھ خدارا ये हयात इक सज़ा है मुझे मौत माॅंगनी है किसी सम्त दिख रहा क्या कोई टूटता सितारा یہ حیات اک سزا ہے مجھے موت مانگنی ہے کسی سمت دکھ رہا کیا کوئی ٹوٹتا ستارہ ©جلال

#शायरी #Thinking  White किसी और की मोहब्बत है इसी लिए गवारा
मुझे डूबने की हसरत तुझे चाहिए किनारा
کسی اور کی محبت ہے اسی لیے گوارہ 
مجھے ڈوبنے کی حسرت تجھے چاہیے کنارہ 

कहीं इसके बदले ये है कहीं उसके बदले वो है
तो मफ़ाद भी यक़ीनन किसी शय का है ख़सारा 
کہیں اِسکے بدلے یہ ہے کہیں اسکے بدلے وہ ہے
تو مفاد بھی یقیناً کسی شے کا ہے خسارہ

तिरे दीद की तलब में सर ए राह मैं था लेकिन
लब ए बाम से किया है किसी और को इशारा
ترے دید کی طلب میں سرِ راہ میں تھا لیکن
لبِ بام سے کیا ہے کسی اور کو اشارہ

शब ए ग़म की वहशतों से तुझे दी जो हैं सदाएँ
ये कमी नहीं है तेरी तुझे आदतन पुकारा
شبِ غم کی وحشتوں سے تجھے دی جو ہیں صدائیں
یہ کمی نہیں ہے تیری تُجھے عادتاً پکارا 

ये तसल्लियों के बोसे नहीं चाहिए मुझे अब
न यक़ीं दिला तू मुझको तुझे जीत के मैं हारा
یہ تسلیوں کے بوسے نہیں چاہیے مجھے اب
نہ یقیں دلا تو مُجھکو تُجھے جیت کے میں ہارا

कभी ख़ुद को सोच कर मैं यही ख़ुद से पूछता हूँ 
तुझे चाहिए क्या मुझसे तू बता तो कुछ ख़ुदा-रा
کبھی خود کو سوچ کر میں یہی خود سے پوچھتا ہوں 
تجھے چاہیے کیا مُجھسے تو بتا تو کچھ خدارا

ये हयात इक सज़ा है मुझे मौत माॅंगनी है 
किसी सम्त दिख रहा क्या कोई टूटता सितारा
یہ حیات اک سزا ہے مجھے موت مانگنی ہے
کسی سمت دکھ رہا کیا کوئی ٹوٹتا ستارہ

©جلال

#Thinking सफ़ीर 'रे' @Rakhee ki kalam se @harsha mishra कवि आलोक मिश्र "दीपक" @Sarfraz Ahmad

18 Love

विश्व हिन्दी दिवस को अंग्रेजी मे लिखकर बधाई देने वालो को भी विश्व हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं ©AbhiJaunpur

#‌AbhiJaunpur #wishes  विश्व हिन्दी दिवस को 
अंग्रेजी मे लिखकर 
बधाई देने वालो को भी 
विश्व हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं

©AbhiJaunpur

#‌AbhiJaunpur सुरेश अनजान अदनासा- शिवम् सिंह भूमि कवि आलोक मिश्र "दीपक" अभिलाष द्विवेदी (अकेला ) एक अनपढ़ शायर

22 Love

a-person-standing-on-a-beach-at-sunset प्रयास करने वालों के लिए प्रत्येक कार्य संभव है परेशानी में भी एक बार मुस्कुराइए और लगन से लग जाइए फिर जितने से कौन रोक सकता है | कर्म ही आसा है | भगवती का कृपा और आप सबका साथ बना रहे ©Shubham Raj Tiwari

#विचार #SunSet  a-person-standing-on-a-beach-at-sunset प्रयास करने वालों के लिए प्रत्येक कार्य संभव है परेशानी में भी एक बार मुस्कुराइए और लगन से

लग जाइए फिर जितने से कौन रोक सकता है

| कर्म ही आसा है |

भगवती का कृपा और आप सबका साथ बना रहे

©Shubham Raj Tiwari

#SunSet @mithilani मनोज मानव @Kamlesh Kandpal Anil Ray कवि आलोक मिश्र "दीपक"

24 Love

अपनों से मुलाक़ात ©Shiv Narayan Saxena

#नववर्ष_2025  अपनों से मुलाक़ात

©Shiv Narayan Saxena

#नववर्ष_2025 एक मुलाक़ात hindi poetry on life नीर @Madhusudan Shrivastava "सीमा"अमन सिंह कवि आलोक मिश्र "दीपक" जनकवि शंकर पाल( बुन्देली)

17 Love

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