ਪੰਜਾਬੀ
देखेगें आख़िरी बाजी भी खेल कर इस बार दांव पर हमने खुद को लगाया है
White हमको भी चाहने वाले जमाने भर मे थे हम अजीज थे सबको मगर जरूरतों के लिए खुद पे बीती है तो रोते हो सिसकते हो सफऱ हमने भी तो कभी इन रास्तो पे किया था जुदा हो जाएगे कभी तुझे तेरे हाल पर छोड़कर कद्र क्या होती है तुझे ये बक्त सिखा देगा ©pragati
pragati
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White खबर हुई क्या तनिक भी तुमको कि कतरा कतरा हो बिखर ग्ये हम गये हमारा दिल तुम यूं उजाड़ करके थे साहिल पर फिर भी डूब गये हम ©pragati
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White तन्हा होके भी तन्हा नही रहने देती साथ नही और बिछड़ने भी नही देती जिंदा तो हूं मगर सांसे नही शामिल याद तेरी चैन पल भर लेने नही देती ©pragati
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Unsplash ना कोइ हँसाने वाली खुशी ना कोई रुलाने वाला गम ना होता कोइ हमदर्द ना होते ये लाइलाज जख्म होठो पर ना होते शिकवे ना होती हमारी आंखे नम कितना अच्छा होता ना काश अगर पागल होते हम ©pragati
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ढलती हुई हर शाम का सूरज सुनो कभी ये क्या कहता है आज भी कुछ यादे समेटे नदी का पुराना पुल रहता है ©pragati
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White ज़रा सा फासला रखना किसी के पास होने में वक्त बिल्कुल नही लगता खास को आम होने में ©pragati
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