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New tujhme rab dikhta hai Status, Photo, Video

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White "ऐ मेरे परवरदिगार! मुझ पर रहमत फरमा, मेरे मौला! तू ही रहम करने वाला है, तू ही करम करने वाला है। ऐ मेरे अल्लाह! अपने फज़ल और करम से मुझ पर रहम कर, मेरी दुआ कबूल फरमा, और मुझे अपने करीब कर ले। आमीन!" ©Md Shahnawaz

 White "ऐ मेरे परवरदिगार! मुझ पर रहमत फरमा, मेरे मौला! तू ही रहम करने वाला है, तू ही करम करने वाला है। ऐ मेरे अल्लाह! अपने फज़ल और करम से मुझ पर रहम कर, मेरी दुआ कबूल फरमा, और मुझे अपने करीब कर ले। आमीन!"

©Md Shahnawaz

Rab se mohabbat

10 Love

White साथ तेरा जो यूँ मिलता रहे, मेरा जीवन यूँ खिलता रहे, बस यही दुआ है मेरे रब से, होना कभी तुम दूर मुझसे... ©Madhaba Swain

#romance #Dil  White साथ तेरा जो यूँ मिलता रहे,
मेरा जीवन यूँ खिलता रहे,
बस यही दुआ है मेरे रब से,
होना कभी तुम दूर मुझसे...

©Madhaba Swain

Ye dua hai meri rab se ❤️💕😍#love_shayari #Love #romance #Dil

13 Love

वो रब भी पसंद करता है उन लोगों को जो ख़ुद से मोहब्बत करते हैं। अपने जिस्म,जान और अपने वजूद को अपने रब की अमानत समझ कर ख़ुद का ख़याल रखते हैं और ख़ुद की फ़िक्र करते हैं। इसलिए अपने रब की रज़ा के लिए ख़ुद अपना ख़याल रखिए और ख़ुद से मोहब्बत करना सीखिए। इंसान का ये अमल भी इबादत में शुमार होता है। और वैसे भी, जो इंसान ख़ुद से मोहब्बत नहीं करता क्या वो किसी और से मोहब्बत कर सकता है?? ©Sh@kila Niy@z

#basekkhayaal #nojotohindi #jism_o_jaan #self_love #basyunhi  वो रब भी पसंद करता है उन लोगों को 
जो ख़ुद से मोहब्बत करते हैं।
अपने जिस्म,जान और अपने वजूद को 
अपने रब की अमानत समझ कर 
ख़ुद का ख़याल रखते हैं और ख़ुद की फ़िक्र करते हैं।
इसलिए अपने रब की रज़ा के लिए 
ख़ुद अपना ख़याल रखिए और ख़ुद से मोहब्बत करना सीखिए।
इंसान का ये अमल भी इबादत में शुमार होता है।

और वैसे भी, जो इंसान ख़ुद से मोहब्बत नहीं करता 
क्या वो किसी और से मोहब्बत कर सकता है??

©Sh@kila Niy@z

green-leaves किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने के बदले अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो। ©Monu

#Motivational #GreenLeaves #motivate #tujhme #kaam  green-leaves किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने के बदले अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो।

©Monu

उसने मुझे साथ तो रखा है हां मेरे रब ने मुझे बचा के रखा है।। ✍️वकील साहब ©love you zindagi

#together #Salamat #wishes #Khuda #sath  उसने मुझे साथ तो रखा है 
हां मेरे रब ने मुझे बचा के रखा है।।

                             ✍️वकील साहब

©love you zindagi

White हम इंसान दूसरों के सामने चाहे जितने भी भोले, मासूम, नादान या फ़िर अंजान बन कर रहें लेकिन हम ने क्या-क्या किया है और हम क्या-क्या करते हैं ( फ़िर वो चाहे हमारी नेकियाॅं हो या हमारे गुनाह हो ) ये ख़ुद हमारा दिल और हमारा ज़मीर जानता है और हम से भी बेहतर हमारा रब जानता है और वो सब जानता है। लेकिन हमें ये बात भी याद रखनी चाहिए कि, गलतियाॅं और गुनाह भी हम इंसानों से ही होते हैं और अक्सर हम सभी से होते हैं लेकिन फ़िर हम उन गुनाहों पर सोच-सोच कर बस ख़ुद को कोसते रहते हैं या फ़िर ख़ुद से नफ़रत करने लगते हैं लेकिन उस वक़्त हम अपने रब को क्यूँ भूल जाते हैं?? अपनी ग़लतियों और गुनाहों का एहसास हो कर उन पर शर्मिंदा होना ज़रूरी है लेकिन इस वजह से ख़ुद से नफ़रत करते रहना मतलब अपने रब की रहमत पर शक करने जैसा है। हम क्यूॅं भूल जाते हैं कि हमारा बड़े से बड़ा गुनाह भी हमारे रब की रहमत से बड़ा हो ही नहीं सकता । हमारे बड़े से बड़े गुनाह पर भी हमारे रब की रहमत ग़ालिब आ जाती है लेकिन इस के लिए अपने रब की बारगाह में सच्चे दिल से अपने गुनाहों की माफ़ी माॅंगनी पड़ती है, वो भी पुख़्ता यक़ीन के साथ। और यक़ीन के साथ सच्चे दिल से माॅंगी गई माफ़ी और की गई तौबा फ़िर ख़ुद-ब-ख़ुद हमारे बेचैन दिल को सुकून अता करती है। ©Sh@kila Niy@z

#galatiyan_gunaah #basekkhayaal #nojotohindi #basyunhi  White हम इंसान दूसरों के सामने चाहे जितने भी भोले,
मासूम, नादान या फ़िर अंजान बन कर रहें लेकिन 
हम ने क्या-क्या किया है और हम क्या-क्या करते हैं 
( फ़िर वो चाहे हमारी नेकियाॅं हो या हमारे गुनाह हो )
ये ख़ुद हमारा दिल और हमारा ज़मीर जानता है 
और हम से भी बेहतर हमारा रब जानता है और वो सब जानता है।

लेकिन हमें ये बात भी याद रखनी चाहिए कि, गलतियाॅं और गुनाह भी 
हम इंसानों से ही होते हैं और अक्सर हम सभी से होते हैं लेकिन फ़िर 
हम उन गुनाहों पर सोच-सोच कर बस ख़ुद को कोसते रहते हैं 
या फ़िर ख़ुद से नफ़रत करने लगते हैं लेकिन उस वक़्त हम 
अपने रब को क्यूँ भूल जाते हैं??
अपनी ग़लतियों और गुनाहों का एहसास हो कर उन पर शर्मिंदा होना 
ज़रूरी है लेकिन इस वजह से ख़ुद से नफ़रत करते रहना मतलब 
अपने रब की रहमत पर शक करने जैसा है।
हम क्यूॅं भूल जाते हैं कि हमारा बड़े से बड़ा गुनाह भी 
हमारे रब की रहमत से बड़ा हो ही नहीं सकता ।
हमारे बड़े से बड़े गुनाह पर भी हमारे रब की रहमत ग़ालिब आ जाती है 
लेकिन इस के लिए अपने रब की बारगाह में सच्चे दिल से 
अपने गुनाहों की माफ़ी माॅंगनी पड़ती है, वो भी पुख़्ता यक़ीन के साथ।
और यक़ीन के साथ सच्चे दिल से माॅंगी गई माफ़ी और की गई तौबा 
फ़िर ख़ुद-ब-ख़ुद हमारे बेचैन दिल को सुकून अता करती है।

©Sh@kila Niy@z

White "ऐ मेरे परवरदिगार! मुझ पर रहमत फरमा, मेरे मौला! तू ही रहम करने वाला है, तू ही करम करने वाला है। ऐ मेरे अल्लाह! अपने फज़ल और करम से मुझ पर रहम कर, मेरी दुआ कबूल फरमा, और मुझे अपने करीब कर ले। आमीन!" ©Md Shahnawaz

 White "ऐ मेरे परवरदिगार! मुझ पर रहमत फरमा, मेरे मौला! तू ही रहम करने वाला है, तू ही करम करने वाला है। ऐ मेरे अल्लाह! अपने फज़ल और करम से मुझ पर रहम कर, मेरी दुआ कबूल फरमा, और मुझे अपने करीब कर ले। आमीन!"

©Md Shahnawaz

Rab se mohabbat

10 Love

White साथ तेरा जो यूँ मिलता रहे, मेरा जीवन यूँ खिलता रहे, बस यही दुआ है मेरे रब से, होना कभी तुम दूर मुझसे... ©Madhaba Swain

#romance #Dil  White साथ तेरा जो यूँ मिलता रहे,
मेरा जीवन यूँ खिलता रहे,
बस यही दुआ है मेरे रब से,
होना कभी तुम दूर मुझसे...

©Madhaba Swain

Ye dua hai meri rab se ❤️💕😍#love_shayari #Love #romance #Dil

13 Love

वो रब भी पसंद करता है उन लोगों को जो ख़ुद से मोहब्बत करते हैं। अपने जिस्म,जान और अपने वजूद को अपने रब की अमानत समझ कर ख़ुद का ख़याल रखते हैं और ख़ुद की फ़िक्र करते हैं। इसलिए अपने रब की रज़ा के लिए ख़ुद अपना ख़याल रखिए और ख़ुद से मोहब्बत करना सीखिए। इंसान का ये अमल भी इबादत में शुमार होता है। और वैसे भी, जो इंसान ख़ुद से मोहब्बत नहीं करता क्या वो किसी और से मोहब्बत कर सकता है?? ©Sh@kila Niy@z

#basekkhayaal #nojotohindi #jism_o_jaan #self_love #basyunhi  वो रब भी पसंद करता है उन लोगों को 
जो ख़ुद से मोहब्बत करते हैं।
अपने जिस्म,जान और अपने वजूद को 
अपने रब की अमानत समझ कर 
ख़ुद का ख़याल रखते हैं और ख़ुद की फ़िक्र करते हैं।
इसलिए अपने रब की रज़ा के लिए 
ख़ुद अपना ख़याल रखिए और ख़ुद से मोहब्बत करना सीखिए।
इंसान का ये अमल भी इबादत में शुमार होता है।

और वैसे भी, जो इंसान ख़ुद से मोहब्बत नहीं करता 
क्या वो किसी और से मोहब्बत कर सकता है??

©Sh@kila Niy@z

green-leaves किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने के बदले अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो। ©Monu

#Motivational #GreenLeaves #motivate #tujhme #kaam  green-leaves किसी के पैरों में गिरकर कामयाबी पाने के बदले अपने पैरों पर चलकर कुछ बनने की ठान लो।

©Monu

उसने मुझे साथ तो रखा है हां मेरे रब ने मुझे बचा के रखा है।। ✍️वकील साहब ©love you zindagi

#together #Salamat #wishes #Khuda #sath  उसने मुझे साथ तो रखा है 
हां मेरे रब ने मुझे बचा के रखा है।।

                             ✍️वकील साहब

©love you zindagi

White हम इंसान दूसरों के सामने चाहे जितने भी भोले, मासूम, नादान या फ़िर अंजान बन कर रहें लेकिन हम ने क्या-क्या किया है और हम क्या-क्या करते हैं ( फ़िर वो चाहे हमारी नेकियाॅं हो या हमारे गुनाह हो ) ये ख़ुद हमारा दिल और हमारा ज़मीर जानता है और हम से भी बेहतर हमारा रब जानता है और वो सब जानता है। लेकिन हमें ये बात भी याद रखनी चाहिए कि, गलतियाॅं और गुनाह भी हम इंसानों से ही होते हैं और अक्सर हम सभी से होते हैं लेकिन फ़िर हम उन गुनाहों पर सोच-सोच कर बस ख़ुद को कोसते रहते हैं या फ़िर ख़ुद से नफ़रत करने लगते हैं लेकिन उस वक़्त हम अपने रब को क्यूँ भूल जाते हैं?? अपनी ग़लतियों और गुनाहों का एहसास हो कर उन पर शर्मिंदा होना ज़रूरी है लेकिन इस वजह से ख़ुद से नफ़रत करते रहना मतलब अपने रब की रहमत पर शक करने जैसा है। हम क्यूॅं भूल जाते हैं कि हमारा बड़े से बड़ा गुनाह भी हमारे रब की रहमत से बड़ा हो ही नहीं सकता । हमारे बड़े से बड़े गुनाह पर भी हमारे रब की रहमत ग़ालिब आ जाती है लेकिन इस के लिए अपने रब की बारगाह में सच्चे दिल से अपने गुनाहों की माफ़ी माॅंगनी पड़ती है, वो भी पुख़्ता यक़ीन के साथ। और यक़ीन के साथ सच्चे दिल से माॅंगी गई माफ़ी और की गई तौबा फ़िर ख़ुद-ब-ख़ुद हमारे बेचैन दिल को सुकून अता करती है। ©Sh@kila Niy@z

#galatiyan_gunaah #basekkhayaal #nojotohindi #basyunhi  White हम इंसान दूसरों के सामने चाहे जितने भी भोले,
मासूम, नादान या फ़िर अंजान बन कर रहें लेकिन 
हम ने क्या-क्या किया है और हम क्या-क्या करते हैं 
( फ़िर वो चाहे हमारी नेकियाॅं हो या हमारे गुनाह हो )
ये ख़ुद हमारा दिल और हमारा ज़मीर जानता है 
और हम से भी बेहतर हमारा रब जानता है और वो सब जानता है।

लेकिन हमें ये बात भी याद रखनी चाहिए कि, गलतियाॅं और गुनाह भी 
हम इंसानों से ही होते हैं और अक्सर हम सभी से होते हैं लेकिन फ़िर 
हम उन गुनाहों पर सोच-सोच कर बस ख़ुद को कोसते रहते हैं 
या फ़िर ख़ुद से नफ़रत करने लगते हैं लेकिन उस वक़्त हम 
अपने रब को क्यूँ भूल जाते हैं??
अपनी ग़लतियों और गुनाहों का एहसास हो कर उन पर शर्मिंदा होना 
ज़रूरी है लेकिन इस वजह से ख़ुद से नफ़रत करते रहना मतलब 
अपने रब की रहमत पर शक करने जैसा है।
हम क्यूॅं भूल जाते हैं कि हमारा बड़े से बड़ा गुनाह भी 
हमारे रब की रहमत से बड़ा हो ही नहीं सकता ।
हमारे बड़े से बड़े गुनाह पर भी हमारे रब की रहमत ग़ालिब आ जाती है 
लेकिन इस के लिए अपने रब की बारगाह में सच्चे दिल से 
अपने गुनाहों की माफ़ी माॅंगनी पड़ती है, वो भी पुख़्ता यक़ीन के साथ।
और यक़ीन के साथ सच्चे दिल से माॅंगी गई माफ़ी और की गई तौबा 
फ़िर ख़ुद-ब-ख़ुद हमारे बेचैन दिल को सुकून अता करती है।

©Sh@kila Niy@z
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