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#SAD

बेवफ़ा..? बेवफ़ा..? 💔 बेवफ़ा..? कभी ख़ुश नहीं रहेगी तू बेवफ़ा इस आश़िक की तड़फ कह रही है..?

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यह जान लो संगत का असर आएगा ही आएगा, इसलिए जो माहौल में आप रह रहे हैं, जो आपके दोस्त हैं सोच समझकर चुनो। ©Unique Gaurav

#मोटिवेशनल #friends  यह जान लो संगत का असर आएगा ही आएगा, इसलिए जो माहौल में आप रह रहे हैं, जो आपके दोस्त हैं सोच समझकर चुनो।

©Unique Gaurav

#friends मोटिवेशनल कोट्स इन इंग्लिश मोटिवेशनल कोट्स इन हिंदी

9 Love

White वहम और अहम में फर्क बस इतना होता है कि वहम इंसान को तब होता है जब कोई उसके लिए ख़ास होता है और अहम तब होता है जब इंसान दूसरों के लिए ख़ास होता है। ©Kuchh Panne Zindagi Ke

#मोटिवेशनल #GoodMorning  White वहम और अहम में फर्क बस इतना होता है कि 
वहम इंसान को तब होता है जब कोई उसके लिए ख़ास होता है 
और अहम तब होता है जब इंसान दूसरों के लिए ख़ास होता है।

©Kuchh Panne Zindagi Ke

#GoodMorning मोटिवेशनल कविता इन हिंदी मोटिवेशनल कोट्स इन हिंदी

12 Love

White ये चली हैं जो अंधियां, फ्रैबों की तेरे अंदर। आंधियों का रुख बदलने का हुनर है मेरे अंदर। ये मत सोच लेना के मैं चुप करके बैठ गया, अभी है चिंगारी सच्चाई की मेरे अंदर। नरेंद्र जोग ©Narinder Jog

#ग़ज़ल #शायरी #sad_quotes  White ये  चली  हैं  जो अंधियां, फ्रैबों  की   तेरे  अंदर।
आंधियों का रुख बदलने का हुनर  है मेरे अंदर।

ये  मत  सोच  लेना  के मैं  चुप करके  बैठ  गया,
अभी   है   चिंगारी   सच्चाई    की   मेरे   अंदर।
 
                                                नरेंद्र जोग

©Narinder Jog

green-leaves सुनो मुझे तुम से पूछना है की.... तुमने बीज़ रूपी अधूरे नज़्मों की जो फ़सल अपने मन के काग़ज़ पर बोई हैं.... क्या मुझे मेरी परवाह के पानी, भरोसे की खाद और चाहतों की रौशनी से सींच कर हरी—भरी पूरी ग़ज़ल बनाने का हक़ दोगे क्या? ©Chanchal Chaturvedi

#ग़ज़ल #Chanchal_mann #GreenLeaves #Dream  green-leaves  सुनो मुझे तुम से पूछना है की....

तुमने बीज़ रूपी अधूरे 
नज़्मों की जो फ़सल अपने 
मन के काग़ज़ पर बोई हैं....

क्या मुझे मेरी परवाह के पानी, 
भरोसे की खाद और चाहतों की 
रौशनी से सींच कर हरी—भरी 
पूरी ग़ज़ल बनाने का हक़ दोगे क्या?

©Chanchal Chaturvedi

White इश्क़ मुक़म्मल हो मैं ये वादा नहीं करता हद से ज्यादा मैं खुद से इरादा नहीं करता । तू तो मुझको अपनी जान समझती है किस मुंह से कह दूं कि नाता नहीं रखता। बड़ी फरेबी है दुनिया सारी खुद को समझा ले इश्क़ में रहकर कोइ शादी का वादा नहीं करता। ©prashant farrukhabadi

 White इश्क़ मुक़म्मल हो मैं ये वादा नहीं करता 
हद से ज्यादा मैं खुद से इरादा  नहीं करता ।

तू तो मुझको अपनी जान समझती है 
किस मुंह से कह दूं कि नाता नहीं रखता।

बड़ी फरेबी है दुनिया सारी खुद को समझा ले 
इश्क़ में रहकर कोइ शादी का वादा नहीं करता।

©prashant farrukhabadi

#sad_shayari #SAD ##ग़ज़ल

10 Love

#SAD

बेवफ़ा..? बेवफ़ा..? 💔 बेवफ़ा..? कभी ख़ुश नहीं रहेगी तू बेवफ़ा इस आश़िक की तड़फ कह रही है..?

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यह जान लो संगत का असर आएगा ही आएगा, इसलिए जो माहौल में आप रह रहे हैं, जो आपके दोस्त हैं सोच समझकर चुनो। ©Unique Gaurav

#मोटिवेशनल #friends  यह जान लो संगत का असर आएगा ही आएगा, इसलिए जो माहौल में आप रह रहे हैं, जो आपके दोस्त हैं सोच समझकर चुनो।

©Unique Gaurav

#friends मोटिवेशनल कोट्स इन इंग्लिश मोटिवेशनल कोट्स इन हिंदी

9 Love

White वहम और अहम में फर्क बस इतना होता है कि वहम इंसान को तब होता है जब कोई उसके लिए ख़ास होता है और अहम तब होता है जब इंसान दूसरों के लिए ख़ास होता है। ©Kuchh Panne Zindagi Ke

#मोटिवेशनल #GoodMorning  White वहम और अहम में फर्क बस इतना होता है कि 
वहम इंसान को तब होता है जब कोई उसके लिए ख़ास होता है 
और अहम तब होता है जब इंसान दूसरों के लिए ख़ास होता है।

©Kuchh Panne Zindagi Ke

#GoodMorning मोटिवेशनल कविता इन हिंदी मोटिवेशनल कोट्स इन हिंदी

12 Love

White ये चली हैं जो अंधियां, फ्रैबों की तेरे अंदर। आंधियों का रुख बदलने का हुनर है मेरे अंदर। ये मत सोच लेना के मैं चुप करके बैठ गया, अभी है चिंगारी सच्चाई की मेरे अंदर। नरेंद्र जोग ©Narinder Jog

#ग़ज़ल #शायरी #sad_quotes  White ये  चली  हैं  जो अंधियां, फ्रैबों  की   तेरे  अंदर।
आंधियों का रुख बदलने का हुनर  है मेरे अंदर।

ये  मत  सोच  लेना  के मैं  चुप करके  बैठ  गया,
अभी   है   चिंगारी   सच्चाई    की   मेरे   अंदर।
 
                                                नरेंद्र जोग

©Narinder Jog

green-leaves सुनो मुझे तुम से पूछना है की.... तुमने बीज़ रूपी अधूरे नज़्मों की जो फ़सल अपने मन के काग़ज़ पर बोई हैं.... क्या मुझे मेरी परवाह के पानी, भरोसे की खाद और चाहतों की रौशनी से सींच कर हरी—भरी पूरी ग़ज़ल बनाने का हक़ दोगे क्या? ©Chanchal Chaturvedi

#ग़ज़ल #Chanchal_mann #GreenLeaves #Dream  green-leaves  सुनो मुझे तुम से पूछना है की....

तुमने बीज़ रूपी अधूरे 
नज़्मों की जो फ़सल अपने 
मन के काग़ज़ पर बोई हैं....

क्या मुझे मेरी परवाह के पानी, 
भरोसे की खाद और चाहतों की 
रौशनी से सींच कर हरी—भरी 
पूरी ग़ज़ल बनाने का हक़ दोगे क्या?

©Chanchal Chaturvedi

White इश्क़ मुक़म्मल हो मैं ये वादा नहीं करता हद से ज्यादा मैं खुद से इरादा नहीं करता । तू तो मुझको अपनी जान समझती है किस मुंह से कह दूं कि नाता नहीं रखता। बड़ी फरेबी है दुनिया सारी खुद को समझा ले इश्क़ में रहकर कोइ शादी का वादा नहीं करता। ©prashant farrukhabadi

 White इश्क़ मुक़म्मल हो मैं ये वादा नहीं करता 
हद से ज्यादा मैं खुद से इरादा  नहीं करता ।

तू तो मुझको अपनी जान समझती है 
किस मुंह से कह दूं कि नाता नहीं रखता।

बड़ी फरेबी है दुनिया सारी खुद को समझा ले 
इश्क़ में रहकर कोइ शादी का वादा नहीं करता।

©prashant farrukhabadi

#sad_shayari #SAD ##ग़ज़ल

10 Love

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