prem shanker noorpuriya

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White रूंठे हुए मन से कुछ नहीं होता, यूं बहाव के लिए तरल होना होता है। ज़िंदगी में कुछ भी कठिन नहीं होता, कठिन तो सिर्फ सरल होना होता है।। ~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया" मौलिक स्वरचित ©prem shanker noorpuriya

#indian_akshay_urja_day #कविता  White रूंठे हुए मन से कुछ नहीं होता,
यूं बहाव के लिए तरल होना होता है।
ज़िंदगी में कुछ भी कठिन नहीं होता,
कठिन तो सिर्फ सरल होना होता है।।
~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया"
मौलिक स्वरचित

©prem shanker noorpuriya

White जिंदगी भी यहां कैसे कैसे खेल देती है, कहीं गम तो कहीं खुशियां उड़ेल देती है। दुखों में अपने मुस्कराना सीख लो यारों यहां सुख की चाहत दुखों में धकेल देती है।। ~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया" मौलिक स्वरचित ©prem shanker noorpuriya

#कविता #love_shayari  White जिंदगी भी यहां कैसे कैसे खेल देती है,
कहीं गम तो कहीं खुशियां उड़ेल देती है।
दुखों में अपने  मुस्कराना सीख लो यारों 
यहां सुख की चाहत दुखों में धकेल देती है।।
~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया" 
मौलिक स्वरचित

©prem shanker noorpuriya

White इक दिया जले हर आंगन में, एक जले तेरे मेरे इस मन में। जो रोशन कर दे हरेक आंगन, जिससे महक उठे तेरा मेरा मन ।। इक दिया जले सांची प्रीत का, करे उजाला तेरे मेरे मीत का। प्रेम का दीप भरोसे की बाती हो, रोशनी अपनेपन की आती हो। इक दिया जले सद्भावों का, एक जले तेरे मेरे ख्वाबों का। जहां खुद को खुद की पुकार हो, हो जहां सादगी न हुंकार हो।। इक दिया जले अब संस्कारों का, तेरे मेरे सुलझे हुए व्यवहारों का । जिसमें मीठे शब्दों सा प्यार हो, तेरे मेरे बीच न कोई दीवार हो।। इक दिया जले यहां ईमान का, खिलते चेहरों पर मुस्कान का। रीते हाथ न कोई मन खाली हो, खिलती हुई यहां ये दिवाली हो।। ~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया" ©prem shanker noorpuriya

#कविता #happy_diwali  White इक दिया जले हर आंगन में,
एक जले तेरे मेरे इस मन में।
जो रोशन कर दे हरेक आंगन,
जिससे महक उठे तेरा मेरा मन ।।

इक दिया जले सांची प्रीत का,
करे उजाला तेरे मेरे मीत का।
प्रेम का दीप भरोसे की बाती हो,
रोशनी अपनेपन की आती हो।

इक दिया जले  सद्भावों का,
एक जले तेरे मेरे ख्वाबों का।
जहां खुद को खुद की पुकार हो,
हो जहां सादगी न हुंकार हो।।

इक दिया जले अब संस्कारों का,
तेरे मेरे सुलझे हुए व्यवहारों का ।
जिसमें मीठे शब्दों सा प्यार हो,
तेरे मेरे बीच न कोई दीवार हो।।

इक दिया जले यहां ईमान का,
खिलते चेहरों पर मुस्कान का।
रीते हाथ न कोई मन खाली हो,
खिलती हुई यहां ये दिवाली हो।।
~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया"

©prem shanker noorpuriya

#happy_diwali

11 Love

White प्रेम का चुंबन बन मैं जगमगाता हूं, फिर कहीं पन्नों में दबाया जाता हूं। रहता तब भी साथ करुण कहानी में बिछड़ जाता अपना कोई रवानी में। संदेश बन जाऊं तब मैं अनशन का, मैं एक गुल हूं अपने गुलशन का।। ~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया" मौलिक स्वरचित ©prem shanker noorpuriya

#कविता  White प्रेम का चुंबन बन मैं जगमगाता हूं,
फिर कहीं पन्नों में दबाया जाता हूं।
रहता तब भी साथ करुण कहानी में 
बिछड़ जाता अपना कोई रवानी में।
संदेश बन जाऊं तब मैं अनशन का,
मैं एक गुल हूं अपने गुलशन का।।
~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया"
मौलिक स्वरचित

©prem shanker noorpuriya

गुल हूं गुलशन का

12 Love

White दुःख सुख किसी में साथ न छोड़ूं, चलूं संग सदा मैं कभी मुख न मोड़ूं। पूजा का पात्र बनूं और मैं इठलाऊं, जीत का हार बनूं और मैं बतलाऊं। प्रेमी नातों में संदेश मैं दूं लगन का, मैं एक गुल हूं अपने गुलशन का।। ~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया" मौलिक स्वरचित ©prem shanker noorpuriya

#indian_akshay_urja_day #कविता  White दुःख सुख किसी में साथ न छोड़ूं,
चलूं संग सदा मैं कभी मुख न मोड़ूं।
पूजा का पात्र बनूं और मैं इठलाऊं,
जीत का हार बनूं और मैं बतलाऊं।
प्रेमी नातों में संदेश मैं दूं लगन का,
मैं एक गुल हूं अपने गुलशन का।।
~ प्रेम शंकर "नूरपुरिया"
मौलिक स्वरचित

©prem shanker noorpuriya

White लिए मुस्कान तराने स्वागत के गाऊं, जब जब मैं इस नये उपवन में आऊं। करने माली से विनती मैं भी जाऊं, नमन कर फिर चरण उनके छू पाऊं। जिनसे महफूज़ है आंचल वतन का, मैं एक गुल हूं अपने गुलशन का।। प्रेम शंकर "नूरपुरिया" मौलिक स्वरचित ©prem shanker noorpuriya

#कविता #good_night  White लिए मुस्कान तराने स्वागत के गाऊं,
जब जब मैं इस नये उपवन में आऊं।
करने माली से विनती मैं भी जाऊं,
नमन कर फिर चरण उनके  छू पाऊं।
जिनसे महफूज़ है आंचल वतन का,
मैं एक गुल हूं अपने गुलशन का।।
प्रेम शंकर "नूरपुरिया"
मौलिक स्वरचित

©prem shanker noorpuriya

#good_night

13 Love

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