Sakshi Chauhan

Sakshi Chauhan

mere alfaz hi meri pahchana hai

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#demotivated #lonlyness #Death  फांसी लगा लूँ, नस काट लूँ, 
तेजाब गिरा दूँ, खुद पर मैं, 
जेहेर खाउंगी और मर जाउंगी, 
नहीं हूँ अपने, सुद्ध पर मैं!

©Sakshi Chauhan

हर रोज लोगों के नजरों के तीर हर रोज उनके नजरीये में खोती हर रोज उनके बातों के शूल मैं खुद याद करके खुद को चुभोती हर रोज खुद की काबिलियत पे शक हर रोज मुसीबतों के भंवर में हूँ होती हर रोज जिश्मों पे नए जख्म हर रोज काटों की सेज पे सोती अगर मैं हार जाऊं तो मुझे कायर न बताना, मेरे हिस्से की थोड़ी से महोबत जाताना! ❤ ©Sakshi Chauhan

 हर रोज लोगों के नजरों के तीर 
हर रोज उनके नजरीये में खोती 
हर रोज उनके बातों के शूल 
मैं खुद याद करके खुद को चुभोती 

हर रोज खुद की काबिलियत पे शक 
हर रोज मुसीबतों के भंवर में हूँ होती 
हर रोज जिश्मों पे नए जख्म 
हर रोज काटों की सेज  पे सोती 

अगर मैं हार जाऊं तो मुझे कायर न बताना,
मेरे हिस्से की थोड़ी से महोबत जाताना! ❤

©Sakshi Chauhan

#horror

22 Love

कई रात गुजारी है इस अँधेरे में तुम थोड़ा सा नूर ले आओगे मेरे तकिये गीले हैं आंसुओं से तुम मुझे अपनी गोद में सुलाओगे सुना है बाग़ है तुम्हारे आंगन में मेरे लहसल बचपन को वो झूला दिखाओगे मैने खोया है अपनी हर प्यारी चीज को में अपनी किश्मत फिर भी आजमाऊँगी एक शायरी लिखी है मैंने उन्हीं कभी मिलोगे तो सुनाऊँगी ✒@munawar Faruqui ©Sakshi Chauhan

#MusicLove  कई रात गुजारी है इस अँधेरे में 
तुम थोड़ा सा नूर ले आओगे 

मेरे तकिये गीले हैं आंसुओं से 
तुम मुझे अपनी गोद में सुलाओगे 

सुना है बाग़ है तुम्हारे आंगन में 
मेरे लहसल बचपन को वो झूला दिखाओगे 

मैने खोया है अपनी हर प्यारी चीज को 
में अपनी किश्मत फिर भी आजमाऊँगी 

एक शायरी लिखी है मैंने उन्हीं
कभी मिलोगे तो सुनाऊँगी 

✒@munawar Faruqui

©Sakshi Chauhan

@munawarfaruqui #MusicLove

14 Love

ग़ज़ल/غزل जो तू नहीं है तो फिर मौत ही लिपट जाए किसी भी तरह तो ये सर्द रात कट जाए उसे कहो मैं मुहब्बत से तंग आ गया हूं उसे कहो कि मेरे रास्ते से हट जाए तेरे बदन को किसी का भी हाथ छू ले अगर मैं चाहता हूं किसी हादसे में कट जाए भरे हुए हैं मेरे दिल में इतने गम शीराज़ मैं मुस्कुराऊं नहीं तो ये सीना फट जाए ✍शीराज़ ख़ान शीराज़/شیراز خان شیراز ©Sakshi Chauhan

#shirajkhan #Flower  ग़ज़ल/غزل

जो तू नहीं है तो फिर मौत ही लिपट जाए
किसी भी तरह तो ये सर्द रात कट जाए

उसे कहो मैं मुहब्बत से तंग आ गया हूं
उसे कहो कि मेरे रास्ते से हट जाए

तेरे बदन को किसी का भी हाथ छू ले अगर
मैं चाहता हूं किसी हादसे में कट जाए

भरे हुए हैं मेरे दिल में इतने गम शीराज़
मैं मुस्कुराऊं नहीं  तो ये सीना फट जाए 

✍शीराज़ ख़ान शीराज़/شیراز خان شیراز

©Sakshi Chauhan

#shirajkhan #Flower

16 Love

इस रोशन शहर में एक कोना ढूंढो मुझे रोना है एक माँ की गोद सा बिस्तर ढूंढो मुझे सोना है ©Sakshi Chauhan

#Woman  इस रोशन शहर में एक कोना  ढूंढो
मुझे रोना है 
एक माँ की गोद सा बिस्तर ढूंढो
मुझे सोना है

©Sakshi Chauhan

maa #Woman

18 Love

इतनी खूबसूरती भी बेवजह है शायद जो कोई सोचे वो आपके काबिल नहीं ©Sakshi Chauhan

#sakshichauhan #khubsurati #OneSeason  इतनी खूबसूरती भी बेवजह है शायद 
जो कोई सोचे वो आपके काबिल नहीं

©Sakshi Chauhan

#khubsurati @sakshichauhan #sakshichauhan #OneSeason

16 Love

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