White बच्चों की गलती पर मानो, बाप अगर चुपचाप है।
दोष नहीं जानो बच्चों का, गलत यहाँ माँ-बाप है।।
अनुशासन मर्यादा घर में, उत्तम है संस्कार भी।
बच्चे फिर भी बिगड़ रहे तो, समझो यह अभिशाप है।।
बड़ी विडम्बना कुरीतियाँ हैं, फैली हुई समाज में।
नहीं कोई है दोषी इसमें, केवल मैं और आप हैं।।
जीवन एक मिला है सबको, समय मिला निश्चित यहाँ।
जो जी चाहे करो, ध्यान हो, मर्यादा परिमाप है।।
नज़रों का अंदाज़ बदलता, करो नज़र अंदाज़ अगर,
मानोगे नहीं यह गलती है, तो अनचाहा पाप है।।
हर गलती का सुधार होगा, हर बच्चे के बाप से।
क्योंकि संतोष इतना जाने, बाप तो होता बाप है।।
संतोष बरमैया जय
©Santosh Barmaiya Jay
आशा करते हैं आप को नोजोटो पसंद आ रहा है | अपनी पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करे और नोजोटो को टैग ज़रूर करें ❤️ Don’t forget to share your post on social media & tag Nojoto. Waiting for your next post. 🙏