BebySai

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White जो जिंदा है उसे मरने की इच्छा। मरने वाला फिर जीना चाहे क्यों।। दम घोंट दे विष की एक बूंद । जीने वाला उसे पीना चाहे क्यों।। सब कुछ मिला जिसे उसने। खो देने की हर तैयारी की।। जिसे ना मिला कुछ भी वो। सब कुछ पाना चाहे क्यों।। ©BebySai

#sad_shayari  White जो जिंदा है उसे मरने की इच्छा।
मरने वाला फिर जीना चाहे क्यों।।
दम घोंट दे विष की एक बूंद ।
जीने वाला उसे पीना चाहे क्यों।।
सब कुछ मिला जिसे उसने।
खो देने की हर तैयारी की।।
जिसे ना मिला कुछ भी वो।
 सब कुछ पाना चाहे क्यों।।

©BebySai

#sad_shayari

6 Love

White किसी की राह देखना और सोचना के वो लौट आएगा। हाय सनम..... इतना मीठा ख्याल ही मारने को काफी है!!! ©BebySai

#love_shayari  White किसी की राह देखना और सोचना के वो लौट आएगा।
हाय सनम.....
इतना मीठा ख्याल ही मारने को काफी है!!!

©BebySai

White वो चांद आधा था । फिर भी उसको पाने का इरादा था।। मैने बोला तुझे पाने की ख्वाहिश जागी है। वह बोला हाय, तू कितनी अभागी है।। मैने पूछा क्यों , तो वह धीरे से बोला। मेरा किसी और का होने का वादा था।। ©BebySai

#good_night  White वो चांद आधा था ।
फिर भी उसको पाने का इरादा था।।
मैने बोला तुझे पाने की ख्वाहिश जागी है।
वह बोला हाय, तू कितनी अभागी है।।
मैने पूछा क्यों , तो वह धीरे से बोला।
मेरा किसी और का होने का वादा था।।

©BebySai

#good_night

19 Love

इक शांत बूंद सी गिर गई मैं। उड़ना चाह पर बह गई मैं।। नदी, समन्दर या फिर ताल। ना जाने किस में भर गई मैं।। बूंद ही है क्या कर लेगी। कितनो की प्यास बुझाएगी।। जिसे आसमान ने छोड़ दिया। उसे धरती क्यों अपनाएगी।। इतने सपने इतने अरमान। लिए दिल में मैं सुख गई।। सोचा था जी भर जी लूंगी। जीना चाहा पर मर गई मैं।। 💔 ©BebySai

 इक शांत बूंद सी गिर गई मैं।
उड़ना चाह पर बह गई मैं।।
नदी, समन्दर या फिर ताल।
ना जाने किस में भर गई मैं।।
बूंद ही है क्या कर लेगी।
कितनो की प्यास बुझाएगी।।
जिसे आसमान ने छोड़ दिया।
उसे धरती क्यों अपनाएगी।।
इतने सपने इतने अरमान।
लिए दिल में मैं सुख गई।।
सोचा था जी भर जी लूंगी।
जीना चाहा पर मर गई मैं।।

💔

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shayari in hindi

11 Love

White यहीं गुम हुए थे हम, समन्दर का किनारा था। वफ़ा में डूब कर हमने, कश्ती को उबारा था।। वो कहते रहे, हमसे वफ़ा की उम्मीद मत रखना। हमने भी कह दिया उनसे,हमें कब तुमसे सहारा था।। ©BebySai

#Goodafternoon #Quotes  White यहीं गुम हुए थे हम, समन्दर का किनारा था।
वफ़ा में डूब कर हमने, कश्ती को उबारा था।।
वो कहते रहे, हमसे वफ़ा की उम्मीद मत रखना।
हमने भी कह दिया उनसे,हमें कब तुमसे सहारा था।।

©BebySai

#Goodafternoon silence quotes

6 Love

Unsplash एक बोझ सा था कभी इन किताबों का मेरे दिल पर। बड़ी उम्मीद से ये मुझे यूं देखा करती थीं।। कभी पढ़ती कभी रखती कभी यूं छोड़ देती थी। हर बार इनकी उम्मीदों को कुछ ऐसे तोड़ देती थी।। ©BebySai

#Quotes #Book  Unsplash एक बोझ सा था कभी इन किताबों का मेरे दिल पर।
बड़ी उम्मीद से ये मुझे यूं देखा करती थीं।।
कभी पढ़ती कभी रखती कभी यूं छोड़ देती थी।
हर बार इनकी उम्मीदों को कुछ ऐसे तोड़ देती थी।।

©BebySai

#Book quotes on life

6 Love

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