English
तुझे पाने के लिए तुझसे ही शिकायते करते है तेरे लिए हम तूझसे ही लड़ते है तुम घुले भी तो मुझमें इस तरह से हो तेरे होकर भी हम हर पल तुझे ही ढूंढते है ©seema patidar
seema patidar
16 Love
वो नही करती ...... अब पहले सी नादानियां लगता है अब संवर गई है पर शायद वो खुद में सिमट गई है .......✍️ ©seema patidar
12 Love
बहुत कुछ था सुनाने को पास उसके भी काश किसी ने रोककर पास बिठाकर....... प्रेम से पूछा होता ....... अनकहा......अनसुना ..... ©seema patidar
20 Love
कितना कुछ हम समझ जाते है पूछे सवालों का जवाब ना मिलने पर...... ©seema patidar
17 Love
कुछ पता ही नही चला....... अकेले रहते रहते कब अकेलेपन से दोस्ती हो गई पता ही नही चला........ दर्द सहते सहते कब दर्द की आदत सी लग गई पता ही नहीं चला.......... भावो में बहते बहते कब भावशून्य हो गई पता ही नहीं चला ........ मुस्कुराने का दिखावा करते करते कब गम छुपाने लगी पता ही नही चला .......... बहुत ज्यादा बोलते बोलते कब चुप रहना सिख गई पता ही नहीं चला ....... मैं कब एक खुली किताब से बंद डायरी बन गई पता ही नहीं चला ..........✍️ ©seema patidar
15 Love
a-person-standing-on-a-beach-at-sunset खामोशी की तह में छुपा लीजिए सारी उलझने और आंसु शोर कभी मुसीबतें हल नही करता ........✍️ dear friend kamini....... ©seema patidar
19 Love
You are not a Member of Nojoto with email
or already have account Login Here
Will restore all stories present before deactivation. It may take sometime to restore your stories.
Continue with Social Accounts
Download App
Stories | Poetry | Experiences | Opinion
कहानियाँ | कविताएँ | अनुभव | राय
Continue with
Download the Nojoto Appto write & record your stories!
Continue with Social Accounts
Facebook Googleor already have account Login Here