White जिंदगी कभी नहीं हारती हारते है तो हम,
अपनी उम्मीदों से अपने एहसासों से और अपनो से।
अपनी छोटी बड़ी गलतियों से,अपने इरादों से और अधूरे वादों से हम हार जाते है।
धीमी पड़ती रोशनी से अपने दिल में छुपी इच्छाओं से,
उन लंबी सर्द रातों से खत्म होते साल के दिसंबर से हम हार जाते है।
न आने वाले के इंतजार से कभी न पूरे होने वाले सपनों से,
अपनों की कसमों से मासूम सवालों से और अपनी औलादों से हम हार जाते है।
बेशुमार चाहतों से दिखावटी चिंताओं से,
करीबी रिश्तों से अनसुने किस्सों से और अधूरी कहानियों से हम हार जाते है।
(चाहत)
©Chahat Kushwah
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