White वनराक्षस एक प्रेम कहानी ( भाग - 22)
" नहीं विराज मैं तुमसे कभी नफ़रत नहीं कर सकती पर ये भी सच है कि तुमसे कभी शादी भी नहीं कर सकती। कल पूरी रात मैं सोचती रही कि मेरी वज़ह से तुम कितना कुछ सह रहे हो मेरे लिए कितनी परेशानियां उठा रहे हो और मैं तुम्हें बदले में क्या दे रही हूं, जिल्लत, रुसवाई ? नहीं विराज अब और नहीं दादु के फैसले की मैं इज़्ज़त करती हूं पर ये फ़ैसला नहीं मान सकती। " शाल्या भावुक हो कर कहती है।
विराज शाल्या के हाथों में अपना हाथ रखता है फिर उठ कर वॉशरूम चला जाता है।
©Royal Anayel Queen
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