प्रभु हम भी शरणागत है,
स्वीकार करो तो जाने,
अब हमें पतित से पावन,
सरकार करो तो जाने।।
ज्ञानी तुम में तन्मय है,
ध्यानी भी तुम में लय है,
हम अज्ञानी चंचल चित,
निस्तार करो तो जाने,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जाने।।
प्रेमी जन तुमको पाते,
तुम भक्ति भाव से आते,
हम कुटिल हृदय से कलुषित,
उपचार करो तो जाने,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जाने।।
मुख से क्या तुम्हे सुनाए,
हम कैसे तुमको पाएं,
अगणित अपराध किये है,
उद्धार करो तो जाने,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जाने।।
जीवन नैया जर्जर है,
पल पल विनाश का डर है,
ऐसे भी एक पतित को,
अब पार करो तो जाने,
प्रभु हम भी शरणागत हैं,
स्वीकार करो तो जानें।।
प्रभु हम भी शरणागत है,
स्वीकार करो तो जाने,
अब हमें पतित से पावन,
सरकार करो तो जाने।।
©अvii miश्र ___राdhe
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