Kisi apne ki talaash me bhatakta hua.. Kharch hota ja Rha hu lamho ki Tarah... Sun-neel.. किसी अपने की तलाश में भटकता हुआ.. खर्च हो रहा हु बे-ज़ार लम्हो की तरह.. सुनील नील suneel neel
25 Love
मेरी इस मुरझाई हुइ ज़िन्दगी को, खुला आसमान कर दो.. मिलो किसी रोज़ हमसे सुबह को, और अपनी बाहो में ही शाम कर दो... यु तो बहुत है वस्ल से चाहने वाले हमे इस जहां मे.. लेकिन मेरी चाहत है कि तुम अपना गम भी मेरे नाम कर दो .. मिलो किसी रोज़ हमसे सुबह को, और अपनी बाहो में ही शाम कर दो...
31 Love
Will restore all stories present before deactivation.
It may take sometime to restore your stories.
Continue with Social Accounts
Facebook Googleor already have account Login Here