Kumar Rohit

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White mujhe lgta hai agr aap achhe hai to bure dsur se gujrne k liye hmesha taiyar rhiye meine hmesha achho ko bure daur se aur chutiyo ko achhe daur se gujrte dekha hai aur money jruri nhi shukoon k liye ©Kumar Rohit

#Thinking  White mujhe lgta hai agr aap achhe hai
to bure dsur se gujrne k liye
hmesha taiyar rhiye
meine hmesha achho ko
bure daur se
aur chutiyo ko achhe daur se gujrte dekha hai
aur money jruri nhi shukoon k liye

©Kumar Rohit

#Thinking yyygff

9 Love

#कविता #happypromiseday  मैं  Aksar   खो  Deta  हुँ
   वो Shakhsh  जो मेरी

Shukoon  का कारण और Mera हमदर्द
बनता है

©Kumar Rohit
#loveshayari #Apocalypse

#Apocalypse

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#coldwinter #लव  "'Love Leaves Us incomplete...
अक्सर बहुत सारे लोग 
कुछ लोगो को दिल में तो रखते है
पर वे कभी सामने वाले को बताते
नहीं 
बस दिल में कुछ होता
है
जुबां में कुछ और
और दिमाग में कुछ और
शायद जिंदगी इसी का नाम है
हम जिन लोगो से प्यार करते है
उन्हें महसूस करा कर भी
यकीन नहीं दिला पाते
और जो लोग साथ होते है,
वे साथ होकर भी साथ नहीं होते.
और जो दिल में होते ,
वो पास नहीं होते...
मतलब रिश्तो का The end
इसलिए कहा गया है
Love Leaves Us incomplete
...

©Kumar Rohit

#coldwinter

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#kitaab #Sports  शहर में रात की चकाचौंध से अच्छी
गांव की ठंडक भरी शाम होती है☺️
किसी से मोहब्बत से अच्छी
अकेलेपन में जो साथ दे वो जाम🍷 होती है
अक्सर फरेबी लोगो😡 के झूठे मोहब्बत में 
फंस कर तोड़ लेते है लोग खुद को💔
जबकि मोहब्बत सिर्फ  पैसों की  दुकान होती है
ना मिलते  है 
आजकल हीर रांझा और लैला मजनू❤️
ना मिलेंगे कृष्ण और राधा की तरह
मोहब्बत करने वाले❤️
आजकल की मोहब्बत सिर्फ
होटलों की शान होती है

©Kumar Rohit

#kitaab

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 मेरी उससे अब बात नहीं होती,
जिससे मैं काफ़ी बातें किया करता था
हाँ मेरा हमदर्द था वो 
अपने दर्दो को बाँटा करता था,,

उसके दर्दो को..... खैर छोडो ",
बहुत भरोसा करता था उस पे मैं .

 भले उससे खून का रिश्ता नहीं था",
पर खून के रिश्तो से बढ़कर था वो
पर उसने मेरे भरोसे का ऐसा खून किया
जिसके दाग़ शायद ही कभी छूटे!

लोग कभी  किसी अजनबी से इतना भी",
 ना घुलमिल जाये की
उसके छोड़ने के बाद
आप टूट जाओ...

©Kumar Rohit

मेरी उससे अब बात नहीं होती, जिससे मैं काफ़ी बातें किया करता था हाँ मेरा हमदर्द था वो अपने दर्दो को बाँटा करता था,, उसके दर्दो को..... खैर छोडो ", बहुत भरोसा करता था उस पे मैं . भले उससे खून का रिश्ता नहीं था", पर खून के रिश्तो से बढ़कर था वो पर उसने मेरे भरोसे का ऐसा खून किया जिसके दाग़ शायद ही कभी छूटे! लोग कभी किसी अजनबी से इतना भी", ना घुलमिल जाये की उसके छोड़ने के बाद आप टूट जाओ... ©Kumar Rohit

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