युक्रेन युद्ध
इक ओर है पुतिन ब्लादीमीर
दूजी ओर जैलेंसकी वोलोदीमीर
दोनों आमने - सामने खड़े हैं
अपनी अपनी जिद पर अड़े हैं,
न तो पुतिन ही रुक रहा है
न तो जैलेंसकी झुक रहा है
युक्रेन आग में फुक रहा है
नाटो का था ये सब उकसावा
जैलेंसकी को है अब पछतावा
जीत चाहे जिसकी भी होगी
मगर हार मानवता की होगी
हमने विज्ञान से बहुत अर्जित किया है
ज्ञान,दया व धर्म को विसर्जित किया है
आज विज्ञान ही जरिया है विनाश का
विज्ञान ही दिखा रहा मंजर विनाश का
निसंदेह, नहीं है इसमें कसूर विज्ञान का
कसूर है उसके उपयोग और अज्ञान का
परन्तु यह विनाश परिणाम है,
ज़िद, अज्ञान और विज्ञान का
नाटो अब बेबस और लाचार है
उधर भयंकर रुस के प्रहार है
मारियुपुल,खारकीव या हो सूमी,
हर शहर, बन गया है रणभूमि
बरस रही है आग हर ओर
उठ रहा है गुब्बार घनघोर
खंडहर बन रहे शहर के शहर
ऐसा बरप रहा रुस का कहर
रूस बना हुआ है बम वर्षक
नाटो बना हुआ है मूक दर्शक
रचनाकार:
ओरेन्दर ठाकुर
©Orender Singh
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