रजनीश

रजनीश "स्वच्छंद" Lives in New Delhi, Delhi, India

कहे दुनिया जिसे आदम, उसे अवशेष लिखता हूँ।। कलम करती किनारा जब, बचा मैं शेष लिखता हूँ।। ।9811656875।।।।

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White रही चीखती वो, खड़े मौन तुम थे, यही देह-काया, कहो कौन तुम थे। यही बैनरें थीं, पताके यही थे, यही देश-दुनिया, कहीं गौण तुम थे। मनाया यहीं था दिवस बेटियों का, नहीं पाप की भीत फिर भी ढही है।। न होना जिसे था, हुआ तो वही है, जिसे पूछ डाला, खरा वो सही है... ©रजनीश "स्वच्छंद"

#betibachaobetipadhao #GoodMorning #Betiyaan  White 

रही चीखती वो, खड़े मौन तुम थे,
यही देह-काया, कहो कौन तुम थे।
यही बैनरें थीं, पताके यही थे,
यही देश-दुनिया, कहीं गौण तुम थे।
मनाया यहीं था दिवस बेटियों का,
नहीं पाप की भीत फिर भी ढही है।।
न होना जिसे था, हुआ तो वही है,
जिसे पूछ डाला, खरा वो सही है...

©रजनीश "स्वच्छंद"

White दुर्बल को दे यातना, बलशाली किस काम।। कौन लिया, क्या दे गया, पालनहारा राम।। ©रजनीश "स्वच्छंद"

#GoodMorning #Truth #doha  White दुर्बल को दे यातना, बलशाली किस काम।।
कौन लिया, क्या दे गया, पालनहारा राम।।

©रजनीश "स्वच्छंद"

White ज्ञानी जन तो सौम्य से, कागा करता शोर। ज्यों सूरज से बैर हो, जब मुर्गा तब भोर।। ©रजनीश "स्वच्छंद"

#GoodMorning  White ज्ञानी जन तो सौम्य से, कागा करता शोर।
ज्यों सूरज से बैर हो, जब मुर्गा तब भोर।।

©रजनीश "स्वच्छंद"

#GoodMorning #Life

10 Love

White अब बस।। हमसे अब तो वफ़ा नहीं होगी, ऐसी कोई ख़ता नहीं होगी।। कोई आये कभी गँवारा हो, दिल की अब तो रज़ा नहीं होगी। ऐसा ये ज़ुर्म तो नहीं गोया, कोई ऐसी दफ़ा नहीं होगी।। होना था जो हुआ बहुत ही तो, फिर से हमको सज़ा नहीं होगी। अबकी बचकर निकल गये हैं हम, रब की फिर से दया नहीं होगी।। कहते हैं इश्क़ जान लेता है, इसकी कोई दवा नहीं होगी।। फिर से रुसवा करे हमें कोई, फिर से शायद हवा नहीं होगी।। हमने सीखा बहुत ज़माने से, अब तो उतनी हया नहीं होगी।। तेरा भी नाम फिर पुकारे ये, दिल की कोई सदा नहीं होगी।। ©रजनीश "स्वच्छंद"

#sad_quotes #pyaar  White अब बस।।

हमसे अब तो वफ़ा नहीं होगी,
ऐसी कोई ख़ता नहीं होगी।।

कोई आये कभी गँवारा हो,
दिल की अब तो रज़ा नहीं होगी।

ऐसा ये ज़ुर्म तो नहीं गोया,
कोई ऐसी दफ़ा नहीं होगी।।

होना था जो हुआ बहुत ही तो,
फिर से हमको सज़ा नहीं होगी।

अबकी बचकर निकल गये हैं हम,
रब की फिर से दया नहीं होगी।।

कहते हैं इश्क़ जान लेता है,
इसकी कोई दवा नहीं होगी।।

फिर से रुसवा करे हमें कोई,
फिर से शायद हवा नहीं होगी।।

हमने सीखा बहुत ज़माने से,
अब तो उतनी हया नहीं होगी।।

तेरा भी नाम फिर पुकारे ये,
दिल की कोई सदा नहीं होगी।।

©रजनीश "स्वच्छंद"

#sad_quotes #Love #pyaar

9 Love

White चले चलो कि मंज़िलें पुकारतीं रहीं सदा, खुशी बटोरते चलें, न सोचना यदा-कदा।। हमें न झेंपना कभी, मशाल हाथ लें चलें, निशा-दिवस, चतुस-पहर, नवीन तेज ले जलें।| ©रजनीश "स्वच्छंद"

#Thinking  White चले चलो कि मंज़िलें पुकारतीं रहीं सदा,
खुशी बटोरते चलें, न सोचना यदा-कदा।।
हमें न झेंपना कभी, मशाल हाथ लें चलें,
निशा-दिवस, चतुस-पहर, नवीन तेज ले जलें।|

©रजनीश "स्वच्छंद"

#Thinking hindi poetry on life hindi poetry

14 Love

नयन नहीं जो भींगते, जब देखा संताप। निज मानव क्या मानना, क्या अंतर पशु आप।। ©रजनीश "स्वच्छंद"

#इंसान #आदमी  नयन नहीं जो भींगते, जब देखा संताप।
निज मानव क्या मानना, क्या अंतर पशु आप।।

©रजनीश "स्वच्छंद"
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