White जी तो मैं भी रहा हूं, एक कमी के साथ
घुटन सी होती है अब, अब सहा नहीं जाता
चीख मन की समेटे कई
, मगर
आंखों से बरसात नहीं जाता
अब होगा क्या ,खबर किसे है,
छुटे वो कंगन ,स्मार्ट वॉच वाली हाथ
जी तो रहा हूं यारा, एक कमी के साथ
मेले की घड़ी, और कलाई घड़ी, रखा
यूं मेज पर
यादों की, गुजरी दबिश रखा यूं सहेजकर ,
कौन कहे कि मैं चली जाऊंगी, नयना नमी के साथ
जी तो मैं भी रहा हूं यारा, बस एक कमी के साथ
missing you
©V.Ranjan
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