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गमो को आबरू आपनी खुशी को गम समझते हैं जिन्हें कोई | हिंदी Shayari

"गमो को आबरू आपनी खुशी को गम समझते हैं जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं कशिश जिन्दा है आपनी चाहतो में जन ए जा क्यूकी हमें तुम कम समझते हो तुम्हे हम कम समझते हैं ©Akash gautam s n"

 गमो को आबरू आपनी खुशी को गम समझते हैं जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं कशिश जिन्दा है आपनी चाहतो में जन ए जा क्यूकी हमें तुम कम समझते हो तुम्हे हम कम समझते हैं

©Akash gautam s n

गमो को आबरू आपनी खुशी को गम समझते हैं जिन्हें कोई नहीं समझा उन्हें बस हम समझते हैं कशिश जिन्दा है आपनी चाहतो में जन ए जा क्यूकी हमें तुम कम समझते हो तुम्हे हम कम समझते हैं ©Akash gautam s n

#HandsOn जिन्हें कोई नहीं समझता उन्हें हम समझते हैं

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