मैं और तà¥à¤® .....................................हम हो रहे हैं
कल जो सोचते थे आज लवस हो रहे है
महसूस करते थे वो हमे हम उन्हें ख्यालो में
आज उनकी तस्वीरों को होठों से छू रहे है
चादरों को बदल बदल कर सोते थे कल तक हम
आज चादरों पर करवट बदल बदल कर सो रहे है
मैं और तुम हम हो रहे हैं
निलेश सिंह
पटना विश्वविद्यालय
©Nilesh Singh
#kissday