White उसने कहा मुझसे की अब भूल जाओ तुम
अब हम तुम्हारे नहीं रहें, किसी और क़े हो गये है..!
सोचा अकेले मै ख़ुद में, अब कैसे कहें तुझे
ख़ुद क़े वादों का ख़्याल रखते, कैसे भूल गये है..!
इक वक़्त था ऐसा, कभी दूर रहें नहीं तुम
अब कहते हो आज तुम,भूल जा,हम दूर हो गये है..!
कितनी लड़ाईयाँ हुयी,बात नहीं करते हो तुम
अब बात ही नहीं करनी तुम्हें, देख दूर हो गये है..!!
©Shreyansh Gaurav
Jasmine of December (Krishnadasi Shivaya) Manak desai