White बेसबब बेचैनियों का इलाज़ किया जाये
मुख़्तलीफ सभी है किससे अब बात की जाये..!
नींद किसी दूर सफ़र पर निकल गयीं है
आधी रात खलिस में गुज़री अब क्या किया जाये.!
नज़र के दायरे में नहीं वो की नज़र आये
आख़िर क्यूँ ढूढ़ती है नज़र अब क्या किया जाये..!
सभी मशरूफ़ है अपने चाहने वालों में
कोई नहीं है यहाँ, अब क़िससे बात किया जाये..!
ख़्वाबों की दुनियाँ में मशगुल हुये सभी
बहुत रात बीत गयीं है, अब क्या किया जाये..!
एकटक घड़ी की सुइयो पर नज़र है मेरी
जल्दी सहर हो अब,तभी तो यहाँ से निकला जाये..!
मिरे तसस्वुर में उसके शिवाय कुछ भी नहीं
वो यहाँ है ही नहीं, अब बता तु क्या किया जाये..!!
©Shreyansh Gaurav
Ziya Gradually falling in ❤️