#AzaadKalakaar मेरा शरीर था वतन को अर्पित , प्रेयसी मैं तेरा हो ना सका
एक कसमें थी हमें मिट्टी की,माफी दो, तेरा वादा पूरा हो ना सका
हर हद तक सब जा सकते, कि सब मिट नहीं सकते सरहद पर
माँ भारती के गोद में अंतिम सांसे ली, तेरे बाहों में मैं सो ना सका
©P S Jha
#RepublicDay
#AzaadKalakaar