कल्पना चावला, आसमान की उड़ान वो थी पहली भारतीय जिसने छुआ अंडरटेकर का सम्मान अपने सपनों को पाने के लिए, उन्होंने जीती कठिनाइयों से जंग जीवन के हर मोड़ पर,
देश को दिया था उसने ये वचन "आसमान की सीमाएं हमेशा सीमित रहीं हैं, पर मनुष्य के सपनों की कोई सीमा नहीं" उनके आशिर्वाद से बढ़ता था सबका जन-जन वो थी एक अनूठी शख्सियत, जिनके सपनों से होता था हर व्यक्ति को प्रेरणास्रोत।
कल्पना चावला, आसमान की उड़ान आज भी हमारे दिल में है वो जीवित, वो हमारी उम्मीदों की पहली चाँदनी आज भी हमारे सपनों में है उनकी याद, जो दिखाती है हमें समय की भीड़ में सही राह
उनकी जीवन की कहानी हमारे लिए है एक सीख जीवन में सफलता पाने के लिए चाहिए है सपनों से भरा दिल और उन्हें साकार करने की इच्छा कल्पना चावला, आसमान की उड़ान हम आपकी यादों को नहीं भूलेंगे, हम आपकी उपलब्ध
©Lalit
#Kalpana chawla